Friday, October 7, 2022
Home ब्लॉग भारत क्या पाकिस्तान की मदद करे?

भारत क्या पाकिस्तान की मदद करे?

वेद प्रताप वैदिक
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघ और मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने भारत के प्रति जिन शब्दों में आभार व्यक्त किया है, वैसे कर्णप्रिय शब्द किसी पड़ौसी देश के नेता शायद ही कभी बोलते हैं। क्या ही अच्छा हो कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और नेपाल के शीर्ष नेता भी भारत के लिए वैसे ही शब्दों का प्रयोग करें। यह बात मैंने एक भाषण में कही तो कुछ श्रोताओं ने मुझसे पूछा कि क्या पाकिस्तान भी कभी भारत के लिए इतने आदरपूर्ण शब्दों का इस्तेमाल कर सकता है?

श्रीलंका और मालदीव, ये दोनों हमारे पड़ौसी देश भयंकर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में भारत ने इन दोनों देशों को अनाजों, दवाइयों और डॉलरों से पाट दिया है। ये दोनों देश भारत की मदद के बिना अराजकता के दौर में प्रवेश करने वाले ही थे। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने अपनी संसद को दिए पहले संबोधन में भारत का नाम लेकर कहा कि भारत ने श्रीलंका को जीवन-दान किया है। भारत ने श्रीलंका को 4 बिलियन डालर तथा अन्य कही सहूलियतें इधर दी हैं जबकि चीन ने भारत के मुकाबले आधी मदद भी नहीं की है और वह श्रीलंका को अपना सामरिक अड्डा बनाने पर तुला हुआ है।
इसी तरह पिछले कुछ वर्षों में मालदीव के कुछ नेताओं को अपना बगलबच्चा बनाकर चीन ने उसके सामने कई चूसनियां लटका दी थीं लेकिन इसी हफ्ते मालदीव के राष्ट्रपति सोलेह की भारत-यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच छह समझौतों पर दस्तखत हुए। सोलिह ने कोरोना-काल में भारत द्वारा भेजी गई दवाइयों के लिए भारत के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में आतंकवाद और राष्ट्रों के उस पार से होने वाले अपराधों के विरुद्ध भारत के साथ खुला सहयोग करने की बात कही है। बिना बोले ही उन्होंने सब कुछ कह दिया है।
भारत की मदद से सैकड़ों करोड़ रु. के कई निर्माण-कार्यों की योजना भी बनी है। भारत ने मालदीव को अनेक सामरिक संसाधन भी भेंट किए हैं। अब प्रश्न यही है कि क्या भारत ऐसे ही लाभदायक काम पाकिस्तान के लिए भी कर सकता है? किसी से भी आप यह प्रश्न पूछें तो उसका प्रश्न यही होगा कि आपका दिमाग तो ठीक है? पाकिस्तान का बस चले तो वह भारत का ही समूल नाश कर दे।

यह बात मोटे तौर पर ठीक लगती है लेकिन अभी-अभी अल-क़ायदा के सरगना जवाहिरी के खात्मे में पाकिस्तान का जो सक्रिय सहयोग रहा और उसामा बिन लादेन के बारे में भी उसकी नीति यही रही, इससे क्या सिद्ध होता है? यही कि मजबूरी का नाम महात्मा गांधी! जब आसिफ जऱदारी राष्ट्रपति थे तो मैंने फोन करके पूछा कि आपके भयंकर आर्थिक संकट में क्या हम आपको कुछ मदद दें तो आप स्वीकार कर लेंगे? उससे आपकी सीट को खतरा तो नहीं हो जाएगा?
उनकी तरफ से हर्ष और आश्चर्य दोनों व्यक्त किए गए लेकिन हमारे प्रधानमंत्री मनमोहनसिंहजी की हिम्मत नहीं पड़ी। यदि नरेंद्र मोदी इस समय शाहबाज शरीफ को वैसा ही इशारा करके देखें तो शायद कोई चमत्कार हो जाए। भारत-पाक संबंधों में अपूर्व सुधार के द्वार खुल सकते हैं।

RELATED ARTICLES

उत्तराखण्ड में अंकिता हत्या काण्ड

अजय दीक्षित उन्नीस साल की एक लडक़ी अंकिता की हत्या को लेकर पूरा उत्तराखण्ड आग में उबल रहा है । इस गरीब परिवार की लडक़ी...

अमेरिका की ऐसी चांदी

यूरोप में गहरा रहे ऊर्जा संकट से सबसे ज्यादा फायदा अमेरिका को हो रहा है। प्राकृतिक गैस की आसमान छूती कीमतों के कारण यूरोपीय...

पार्टी अध्यक्ष के चुनाव की कब ऐसी चर्चा हुई थी?

हरिशंकर व्यास ध्यान नहीं आ रहा है कि आखिरी बार कब किसी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की ऐसी चर्चा हुई थी, जैसी अभी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

खुशखबरी : धामी सरकार दिवाली पर देने जा रही है 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों को बोनस का तोहफा, चार प्रतिशत डीए की...

देहरादून। राज्य के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली बोनस का तोहफा मिलने वाला है। प्रदेश सरकार ने दीपावली का बोनस देने की तैयारियां शुरू कर...

लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के कुनाऊं गांव में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह ने असम के तीन लोगों को 24 दिन तक बनाए रखा बंधक, जानिए...

ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के कुनाऊं गांव में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह ने असम से नौकरी के लिए आए दो युवक और एक युवती...

हिमस्खलन और बस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को राज्यसभा सासंद नरेश बंसल ने दी श्रद्धांजलि, कहा सरकार दुःख की इस घड़ी में...

देहरादून। सासंद राज्यसभा उत्तराखंड नरेश बंसल ने कहा कि उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र के द्रौपदी का डांडा पर्वत चोटी में हिमस्खलन होने के कारण...

उत्तराखंड में जनहित से जुड़ी चार बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सुप्रीम जंग की तैयारी में धामी सरकार

देहरादून। चार बड़ी चुनौतियों से घिरी प्रदेश की धामी सरकार अब निर्णायक जंग लड़ने जा रही है। इन चार चुनौतियों में महिलाओं और राज्य...

गौ भक्तों के नाम पर ढिंढोरा पीटने वालों को शादाब अली से सीखनी चाहिए सच्ची गौ भक्ति

देहरादून। भारतीय गौ रक्षा वाहिनी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड प्रभारी शादाब अली की निस्वार्थ गौ सेवा का हर कोई मुरीद...

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की द्वितीय शासकीय सभा की बैठक

देहरादून । मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण, उत्तराखण्ड की द्वितीय शासकीय सभा की बैठक आयोजित हुयी।...

मंगल रहा अमंगल : हादसों के बाद फुल एक्शन मोड में दिखे सीएम धामी, पल-पल का अपडेट ले गुजारी रात , सुबह घटना स्थल...

देहरादून । उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। यहां प्राकृतिक आपदाओं को आने से रोका नहीं जा सकता लेकिन आपदा या हादसे के बाद तत्परता...

विजयदशमी के पावन पर्व पर तय हुई शीतकाल के लिए चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथि, जानिए किस दिन होंगे कपाट बंद

देहरादून। विजयदशमी के पावन पर्व पर शीतकाल के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने की तिथि घोषित की गई। अन्नकूट...

ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक ने लगातार छठी बार बढ़ाई ब्याज दर

कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को अपनी मानक ब्याज दर में लगातार छठे महीने वृद्धि की जिससे यह नौ महीनों के उच्च...

हिमस्खलन के बाद जिंदा बचने वालों ने बयां किया उस दिन का आंखों देखा मंजर, बोले- दो मिनट में दफन हुई उम्मीदें

उत्तरकाशी। समुद्रतल से 18600 फीट ऊंचाई पर स्थित द्रौपदी का डांडा (डीकेडी) चोटी के आरोहण के दौरान जब हिमस्खलन हुआ, पर्वतारोही प्रशिक्षुओं का दल चोटी...