उत्तराखंड कांग्रेस में शुरू हुआ हंगामा! पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने कमेटियों में मिले पद को किया नामंजूर

ब्यूरो रिपोर्ट देहरादून: उत्तराखंड के राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश के निधन के बाद रिक्त चल रहे पद पर कांग्रेस आलाकमान ने प्रीतम सिंह को नेता प्रतिपक्ष घोषित कर दिया है. वहीं, गणेश गोदियाल को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और हरीश रावत को चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी सौंपी है. जिसके बाद सियासी पंडित इसके कई मायने निकाल रहे हैं.

1 महीने की लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार आलाकमान ने फैसला ले ही लिया तो वही उत्तराखंड कांग्रेस में लिस्ट जारी होने के बाद से हंगामा मचा हुआ है। पहले हरीश धामी ने सवाल उठाए तो अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवप्रभात ने भी कांग्रेस आलाकमान द्वारा जारी की गई लिस्ट पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवप्रभात ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लिए AICC द्वारा लिया गया निर्णय कांग्रेस के हित में नहीं है। इससे राज्य में कांग्रेस की समस्याओं का हल नहीं होगा, पार्टी को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।

उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवप्रभात ने घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। इस संबंध में उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को भी सूचित कर दिया है। आपको बता दें कि कांग्रेस आलाकमान ने लंबी मशक्कत के बाद प्रदेश अध्यक्ष और नेता विधायक दल समेत महत्वपूर्ण पदों पर वरिष्ठ नेताओं की ताजपोशी के साथ ही चुनावी तैयारियों के मद्देनजर 10 समितियों की गुरुवार देर रात घोषणा की थी।

इसके तहत कांग्रेस घोषणापत्र समिति की कमान पूर्व मंत्री नवप्रभात को सौंपी गई। पूर्व सांसद महेंद्रपाल को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें कुल 15 सदस्य शामिल किए गए हैं। हालांकि, शुक्रवार की सुबह उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। कुल मिलाकर इस जारी की गई लिस्ट से सहमत नहीं है।

आपको बता दें कि कल देर रात उत्तराखंड कांग्रेस के लिए जारी की गई लिस्ट में पूर्व मंत्री नवप्रभात को मेनिफेस्टो कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त करने के साथ-साथ कोर और समन्वय समितियों का सदस्य भी बनाया गया जिसे स्वीकार करने से उन्होंने मना कर दिया। 

इसके अलावा उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनको मेनिफेस्टो कमेटी की जिम्मेदारी दी गई है, जिनके नेतृत्व में 2022 का चुनाव लड़ा जाना है। वही कांग्रेस की नीति तय करें तो ज्यादा ठीक है। कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने नवप्रभात को फोन करके उनसे कमेटी में शामिल पदों को स्वीकार करने का आग्रह किया जिसे नवप्रभात ने नामंजूर कर दिया।

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