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रिलायंस का यूएई में कारखाना के लिए आरएससी के साथ 2 अरब डॉलर का शेयर-समझौता

अबू धाबी।  रसायनों के ब्यूत्पाद ( केमिकल्स डेरिवेटिव्स) का कारोबार करने वाली अबू धाबी की कंपनी आरएससी लिमिटेड (ताज़ीज़) और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने रुवाइस में ताज़ीज़ औद्योगिक रसायन परियोजना क्षेत्र में संयुक्त उद्यम स्थापित करेने के लिए एक शेयर समझौता किया है जिसके तहत दो अरब डॉलर का निवेश किया जायेगा।
संयुक्त बयान के मुताबिक यह समझौता दो अरब डालर का है और इसके तहत दोनों कंपनियां रुवाइस में ताज़ीज़ औद्योगिक रसायन परियोजना क्षेत्र में संयुक्त उद्यम स्थापित करेंगी। आरएससी लिमिटेड (ताज़ीज़) ताज़ीज़ ईडीसी (एथीलीन डीक्लोराइड) और पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) परियोजना में हिस्सेदारी के लिए शेयरधारक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ताज़ीज़ और रिलायंस का यह संयुक्त उद्यम क्लोर-अल्कली, एथिलीन डाइक्लोराइड और पॉलीविनाइल क्लोराइड उत्पादन के लिए वहां कारखाना लगाने के साथ उनका संचालन भी करेगा।

बयान के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात में पहली बार इस तरह के कार्बनिक रसायनों का उत्पादन किया जाएगा जिससे स्थानीय निर्माताओं के लिए राजस्व के नए रास्ते खुलेंगे। रिलायंस के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी की एडीएनओसी मुख्यालय की यात्रा के दौरान औपचारिक शेयरधारक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। श्री अंबानी ने यूएई के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री और एडीएनओसी के प्रबंध निदेशक और समूह के सीईओ डॉ. सुल्तान अल जाबेर से मुलाकात की और खनिज तेल, ऊर्जा के नए स्रोतों और कार्बन उत्सर्जन में कमी के क्षेत्र में साझेदारी और विकास के अवसरों पर चर्चा की। .
अंबानी ने कहा रिलायंस इंडस्ट्रीज और ताज़ीज़ के संयुक्त उद्यम की तेज प्रगति देख कर मैं बहुत प्रसन्न हूं। यह संयुक्त उद्यम भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मजबूत संबंधों का गवाह है। अनुमान है कि ताज़ीज़ का परिसर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मुक्त व्यापार समझौते से लाभान्वित होगा।

गौरतलब है कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मुक्त व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते पर इस वर्ष फरवरी में हस्ताक्षर किए गए थे। इसे इसी साल मई से लागू करने की योजना है और इससे इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है।
एडीएनओसी के समूह सीईओ डॉ. अल जाबेर ने कहा रिलायंस एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और हमारा सहयोग संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाएगा। यह औद्योगिक और ऊर्जा सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रिलायंस ने बयान में कहा कि अंबानी ने अक्षय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन में सहयोग के संभावित अवसरों का पता लगाने के लिए मसदर के सीईओ मोहम्मद जमील अल रामही से भी मुलाकात की। न्यू एनर्जी, संयुक्त अरब अमीरात और भारत, दोनो की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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