उत्तराखंड

मानसून की दस्तक से चारधाम यात्रा पर ब्रेक, गंगोत्री-यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट

मानसून की दस्तक से चारधाम यात्रा पर ब्रेक, गंगोत्री-यमुनोत्री में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी गिरावट

उत्तरकाशी: उत्तराखंड में मानसून सीजन की शुरुआत के साथ ही विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। पीक सीजन (मई-जून) में जहां दोनों धामों में प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, वहीं अब जुलाई महीने में यात्रियों की संख्या घटकर महज एक से डेढ़ हजार प्रतिदिन रह गई है। वर्तमान स्थिति को देखें तो दोनों धामों की यात्रा लगभग न के बराबर चल रही है।

इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुआ था। शुरुआती दौर में दोनों धामों में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी थी। हालांकि, जून के महीने से ही यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आने लगी और पीक सीजन के मुकाबले जून में यह आंकड़ा घटकर पांच से सात हजार प्रतिदिन रह गया था।

जुलाई में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही यात्रा पर सबसे गहरा असर पड़ा है। बरसात के दौरान पहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslides) और सड़कों के बाधित होने से श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों और रास्तों के बंद होने के डर से यात्रियों ने फिलहाल पहाड़ों का रुख करना कम कर दिया है। इसके अलावा, आगामी कांवड़ यात्रा सीजन नजदीक होने के कारण भी चारधाम यात्रा पर दबाव कम हुआ है।

भले ही वर्तमान में यात्रा सुस्त हो, लेकिन इस साल अब तक रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक दोनों धामों को मिलाकर कुल 13,20,163 श्रद्धालु मां गंगा और यमुना के दर्शन कर अपने घर लौट चुके हैं।

जुलाई के शुरुआती हफ्ते में दोनों धामों में पहुंचे यात्रियों का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है, जिसे आप नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:

तारीख यमुनोत्री पहुंचे श्रद्धालु गंगोत्री पहुंचे श्रद्धालु
1 जुलाई 2,043 2,116
2 जुलाई 1,711 2,105
3 जुलाई 1,475 2,010
4 जुलाई 1,620 1,814
5 जुलाई 1,520 1,447
6 जुलाई 1,039 1,764
7 जुलाई 1,105 1,174